कितने पीछे होते जा रहे हैं हम। मेरे साथी बोलतें हैं की तुमने बहुत तरक्की की । राजधानी के अच्छे इलाके में रहते हो । तुम्हारे पास गाड़ी है । सभी सुबिधायें हैं । लेकिन क्यों मुझे लगता है की मैं लोगों से पीछे होता जा रहा हूँ । मुझे गावों का लोक गीत पसंद । कभी बचपन के खेलों को खेलने की कोशिश करता हूँ ।गांव के तालाबों में मैंने खूब नहाया उस समय मुझे कोई बीमारी नही हुई लेकिन अब स्वीमिंग पुल में सर्दी हो जाती है । डॉक्टर मुझे स्वीमिंग पूल में नही नहाने की सलाह देते है । जब कोई नया पॉप गाना आता है मेरे दोस्त और पड़ोसी कहतें हैं की आवाज थोडी तेज कर दो लेकिन जो मुझे अच्छा लगता है उसको सुनाने में मुझे डर लगता है ।
जिनके साथ मुझे रहने में अच्छा लगता है उन्हें मेरी पसंद से एतराज है आगे .........
Thursday, October 15, 2009
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6 comments:
झिलमिलाते दीपो की आभा से प्रकाशित , ये दीपावली आप सभी के घर में धन धान्य सुख समृद्धि और इश्वर के अनंत आर्शीवाद लेकर आये. इसी कामना के साथ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ दीपावली की हार्दिक शुभकामनाए.."
आपका स्वागत है
आपको और आपके परिवार को दीपोत्सव की
हार्दिक बधाइयां
WiSh U VeRY HaPpY DiPaWaLi.......
हुज़ूर आपका भी एहतिराम करता चलूं.........
इधर से गुज़रा था, सोचा, सलाम करता चलूं....
http://www.samwaadghar.blogspot.com/
WiSh U VeRY HaPpY DiPaWaLi......
आपका स्वागत है
आपको और आपके परिवार को दीपोत्सव की
हार्दिक बधाइयां
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